
Last Updated:September 10, 2026, 19:20 IST
Uma Bharti: उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा काफी कोशिशों के बाद भी हटाई नहीं सकी है. सड़क चौड़ीकरण के दौरान बीच में 170 साल पुराना खड़े हुनमान जी का मंदिरा था, जिसे प्रशासन ने हटाना चाहता था. लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली है. अब मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इसी को लेकर एक सुझाव दिया है. उन्होंने इसके लिए शिवराज सिंह चौहान सरकार के कार्यकाल का एक उदाहरण भी दिया है.

खड़े हनुमान मंदिर मामले में उमा भारती की एंट्री
रिपोर्ट-रमाकांत दुबे
Uma Bharti On Khade Hanuman Temple Ujjain: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में ‘खड़े हनुमान मंदिर’ का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में है. सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों के बीच हनुमान मंदिर आ रहा था, जिसे प्रशासन ने हटाना चाहा. लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी सफलता नहीं मिल पाई. प्रशासन की तरफ से मंदिर का गुबंद और दीवारें तो तोड़ दी गई हैं. लेकिन प्रतिमा को अभी तक दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जा सका है. भक्तों का मानना है कि हनुमान जी अपना पैर रखकर बैठ गए हैं और इसे उनकी शक्ति मान रहे हैं. दूसरी तरफ प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि IIT इंदौर की टीम वैज्ञानिक जांच करेगी. उसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा को हटाया जाएगा. अब इसमें प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती की भी एंट्री हो गई है.
उमा भारती ने इस संवेदनशील मामले को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखा है. उन्होंने बेहद आत्मीय और व्यावहारिक अंदाज में सीएम से अपील की है कि विकास भी हो जाए और जन-आस्था को भी कोई ठेस न पहुंचे, इसके लिए भोपाल का एक पुराना मॉडल अपनाया जा सकता है. आप स्वयं उज्जैनी (उज्जैन) के रहने वाले हैं. ऐसे में उज्जैनी शहर और वहां के तमाम धार्मिक स्थलों की गरिमा, महत्व और आस्था को उनसे बेहतर और कौन समझ सकता है? उमा भारती ने भरोसा जताया कि उज्जैन के प्रतिष्ठित ‘खड़े हनुमान मंदिर’ के सम्मानजनक समाधान के बारे में मुख्यमंत्री खुद भी जरूर विचार कर रहे होंगे.
शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल का दिया उदाहरण
उमा भारती ने पत्र में शिवराज राज सिंह चौहान के कार्यकाल का भी एक उदाहरण दिया. उन्होंने पत्र में लिखा कि भोपाल में जब कमलापति पार्क के आगे सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा था, तब वहां रास्ते में आ रही मस्जिद को छुआ तक नहीं गया था. प्रशासन ने पूरे सड़क निर्माण के प्लान को ही बदल दिया था और मस्जिद को सुरक्षित रखते हुए चौड़ीकरण का काम पूरा किया गया था. हम विकास और जन-आस्था को एक साथ लेकर चलते हैं. यही समाधान उज्जैन में हो सकता है.
पत्र के बाद हलचल तेज
उमा भारती का यह पत्र अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है. उज्जैन में विकास कार्यों के दौरान धार्मिक स्थलों को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं. ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री का यह पत्र सरकार के लिए एक बीच का रास्ता निकालने वाला सुझाव माना जा रहा है. अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इस सुझाव के बाद उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर क्या नया रुख अपनाते हैं?
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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor
गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…
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Ujjain,Madhya Pradesh
First Published :
September 10, 2026, 19:20 IST

