
Last Updated:September 10, 2026, 17:57 IST
Madhya Pradesh Scholarship Scheme: एमपी सरकार निर्माण श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाने के लिए एक नई योजना लाने जा रही है. नई योजना न केवल श्रमिकों के बच्चों की फीस का बोझ उठाएगी, बल्कि उन्हें देश के बड़े संस्थानों में पहुंचने के लिए कोचिंग का मजबूत कवच भी देगी. इस योजना से चुने हुए बच्चों को 7500 रुपए हर महीने दिए जाएंगे. इससे उन्हें फायदा होगा.

मध्य प्रदेश में सरकार छात्रों के लिए लाने जा रही श्री मेधा योजना (एआई तस्वीर)
(रिपोर्ट-रमाकांत दुबे)
Shrimedha Scheme In Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के मजदूर परिवारों के होनहार बच्चों का सपना अब आर्थिक तंगी की वजह से नहीं रुकेगा. एमपी सरकार शिक्षा को ही प्रगाति की कुंजी मानती है और शिक्षा को गरीब बच्चों तक पहुंचाने की पूरी तैयारी कर ली गई है. एमपी सरकार श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए एक नई और अहम स्कॉलरशिप योजना ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना’ शुरू करने जा रही है. इसमें छात्र हर महीने 7500 रुपए की आर्थिक सहायता देगी.
बताया जा रहा है कि इस योजना का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा. श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि सरकार की मंशा इस नई पहल को इसी सत्र से लागू करने की है.
योजना से हर महीने मिलेंगे 7500 रुपए
इस योजना से हर महीने 7500 रुपए मिलेंगे और बच्चे ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों की फीस पर खर्च की जा सकेगी. योजना का सबसे बेहतरीन पहलू यह है कि इसमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि NEET, JEE और CLAT जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का पूरा खर्च भी शामिल किया जाएगा.
बताया जा रहा है कि इस योजना का शुरुआती चरण में कुल 600 बच्चों को फायदा मिलेगा. इनमें से 500 बच्चे भवन सन्निर्माण बोर्ड से और 100 बच्चे श्रमिक कल्याण बोर्ड से चुने जाएंगे.
योजना का लाभ लेने के लिए क्या है जरूरी?
इस योजना का लाभ पाने के लिए बच्चे की उम्र 14 साल से 19 साल के बीच होनी चाहिए. इसके अलावा विद्यार्थी को मध्य प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई का नियमित छात्र होना चाहिए. वहीं उसके 10वीं में कम से कम 80 प्रतिशत अंक जरूरी हैं. वहीं योजना का लाभ जारी रखने के लिए उसे 12वीं में 75 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है. इसके अलावा सबसे जरूरी है कि बच्चे के माता या पिता मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में रजिस्टर्ड श्रमिक होने चाहिए. बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए मध्य प्रदेश से हर हाल 500 विद्यार्थियों का चयन होगा.
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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor
गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…
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Bhopal,Madhya Pradesh
First Published :
September 10, 2026, 17:57 IST

