
Last Updated:September 10, 2026, 20:52 IST
छतरपुर के त्योहार मेले में कच्चे और पके आम का पापड़ की डिमांड लोगों में बढ़ी है. इसका सबसे अच्छा फायदा ये है कि इसे जब मन करे, तब खाया जा सकता है. इसमें कोई केमिकल या मिलावट नहीं होती, फिर भी इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि हर बार खाने का दिल कर जाए
मप्र के छतरपुर जिले के बाजार में त्योहारों को देखते हुए रौनक बढ़ती जा रही है. बाजारों में नए-नए प्रोडक्ट देखने को मिल रहे हैं. इन्हीं प्रोडक्ट में आम से बने प्रोडक्ट भी बाजार में धूम मचा रहे हैं. इस प्रोडक्ट को कच्चा आम पापड़ और पका आम पापड़ के नाम से बेचा जा रहा है. क्या है इसकी खासियत? क्या है रेट?
हाल ही में छतरपुर के त्योहार मेले में कच्चे और पके आम का पापड़ की डिमांड लोगों में बढ़ी है. इसका सबसे अच्छा फायदा ये है कि इसे जब मन करे, तब खाया जा सकता है. इसमें कोई केमिकल या मिलावट नहीं होती, फिर भी इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि हर बार खाने का दिल कर जाए.प्रयागराज के रहने वाले राहुल लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि कच्चा और पक्का आम पापड़ का टेस्ट बहुत ही लाजवाब होता है. इसे बच्चे ही नहीं बल्कि युवा और बूढ़े भी पसंद करते हैं. इस पापड़ की खासियत है कि इसे कभी भी और कहीं भी ले जाकर खाया जा सकता है.
सालभर रहती डिमांड
राहुल बताते हैं कच्चा आम पापड़ स्वाद में खट्टा रहता है. वहीं पक्का आम पापड़ स्वाद में मीठा होता है. ये दोनों ही बेहद टेस्टी होते हैं. इन्हें गर्मियों में ही नहीं बल्कि 12 महीने खा सकते हैं.
60 रुपए में 100 ग्राम
राहुल बताते हैं कि कच्चा और पका आम पापड़ का 100 ग्राम का एक पैकेट 60 रुपए में खाने को मिल जाता है. ये साइज में साबुन से भी छोटा होता है. इसे शर्ट या पैंट की जेब में रख सकते हैं. इसके अंदर पतली परत जैसी आम पापड़ निकलते हैं जो बेहद ही टेस्टी लगती है. 20 रुपए में भी आम पापड़ का छोटा साईज बेचते हैं.
टॉफी या चॉकलेट से बेहतर ऑप्शन
राहुल बताते हैं कि बच्चों को ये खट्टामीठा पापड़ बहुत पसंद आता है. ये बाजार में मिलने वाली टॉफी या चॉकलेट से कहीं ज्यादा हेल्दी और स्वादिष्ट होता है. इसे आप सफर में ले जा सकते हैं, स्कूल या ऑफिस का स्नैक बना सकते हैं या फिर शाम की चाय के साथ भी मजे से खा सकते हैं. इस पापड़ का स्वाद ऐसा होता है कि बचपन की मीठी यादें ताजा हो जाती हैं. पुराने समय में घरों में आम पापड़ बनाया भी जाता था. हालांकि, अब मार्केट में पैकटों के रूप में देखने को मिल जाता है. इसे घर भी बनाना आसान है. आप बिना केमिकल के कई हफ्तों तक इसे रख सकते हैं
Location :
Chhatarpur,Madhya Pradesh
First Published :
September 10, 2026, 20:52 IST

