
Madhya Pradesh Tomorrow Weather: सितंबर का महीना अक्सर जाते-जाते मानसून की विदाई का अहसास कराने लगता है, लेकिन मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के तेवर कुछ अलग ही बानगी पेश कर रहे हैं. एमपी में इस समय मानसून का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है. कहीं आसमान से फुहारें गिर रही हैं, तो कहीं चिलचिलाती धूप और उमस लोगों के पसीने छुड़ा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर को राज्य के पूर्वी हिस्से में जहां बादलों का डेरा जमा दिखाई दे सकता है. वहीं पश्चिमी और मध्य इलाकों में फिलहाल सूखा और गर्म माहौल बना हुआ है.
इन जिलों में हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल और नर्मदापुरम जिलों के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. यहां पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है.
हरदा, रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर, कटनी और पन्ना से जिलों में बारिश का असर कम रह सकता है, लेकिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बूंदा-बांदी हो सकती है.
इन जिलों में साफ रहेगा मौसम
अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, इंदौर, सिहोर, भोपाल, विदिशा, शाजापुर, उज्जैन, रतलाम, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, भिंड, मुरैना में आसमान बिल्कुल साफ रहने की उम्मीद है. इसके अलावा इन जिलों में बारिश की संभावना ना के बराबर है.
रीवा संभाग पर मानसून रहा है मेहरबान
अगर पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो रीवा संभाग के जिलों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहा. शहडोल संभाग में भी कुछ स्थानों पर पानी बरसा, जबकि उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ इक्का-दुक्का इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं. बारिश के लिहाज से सिंगरोली जिले का चित्रंगी इलाका सबसे आगे रहा, जहां सबसे ज्यादा 42.3 मिमी बारिश दर्ज की गई.
खजुराहो में छाई तपिश
मौसम के दोहरे मिजाज का सीधा असर तापमान पर देखने को मिल रहा है. प्रदेश में सबसे ज्यादा पारा खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 35.2°C तक जा पहुंचा. ऐतिहासिक शहर ग्वालियर (35.0°C) और दतिया (34.2°C) भी गर्मी और उमस की लपेट में रहे. वहीं प्रदेश में सबसे कम तापमान धार और खरगोन में 19.0°C दर्ज किया गया.
बताया जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इससे जुड़ी गतिविधियां मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है. इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ लाइन जम्मू, देहरादून, प्रयागराज और अंबिकापुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो प्रदेश में नमी बढ़ाने का कारण है.

